Sat. Apr 4th, 2020

poetry

3170232-i-wish ख्वाइश 1 min read
1 minute read ★ लो आज इन बाँहों की सारी तम्मनाए पूरी करने दो, इन सरसराती हुई आवाजों की सारी ख्वाइशें करने दो , मिले है, इतने दिन बाद... Read More